Health News: आजकल नाक में उंगली डालने की आदत बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को होती है। लेकिन लगातार अपनी उंगलियों को अपनी नाक में डालना कोई आम समस्या नहीं है। ये आदतें कहाँ से शुरू होती हैं? जिन लोगों में ये आदतें होती हैं वो सबके सामने मुस्कुराए बिना नहीं रह पाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं? नाक में उंगली डालने की कीमत कितनी हो सकती है? यह आदत गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। 
शोधकर्ताओं का कहना है कि जो लोग अपनी नाक काटते हैं, उनमें अल्जाइमर या डिमेंशिया विकसित होने का खतरा होता है। अल्जाइमर मस्तिष्क की एक ऐसी बीमारी है जो स्मृति हानि या हानि का कारण बनती है। यह रोग सोच और धारणा को प्रभावित करता है। यदि रोग गंभीर हो तो संबंधित रोगी के लिए अपनी दिनचर्या का पालन करना कठिन हो जाता है। 60-65 की उम्र में इस रोग का प्रकोप अधिक होता है। 
1. जीवाणु संक्रमण
नाक में उंगली डालने से तनाव और चिंता से संबंधित बीमारी हो सकती है। स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे बैक्टीरिया नाक में प्रवेश करते हैं। इससे रोगों की समस्या अधिक होती है।

 
2. चोट लगना –
नाक में उंगली डालने से नाक के अंदरूनी हिस्से में चोट लग सकती है। साथ ही नाक के अंदर के बाल भी अक्सर टूट जाते हैं। इससे नाक के अंदर सूजन आ जाती है
3. रक्त स्राव –
नाक में लगातार उंगली डालने से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। जिससे कभी-कभी खून निकलता है। साथ ही हमारी त्वचा भी नाजुक हो जाती है।
…तो नाक में उंगली डालने से बचना चाहिए –
नाक में जमा हुआ सूखा कफ बूगर कहलाता है। लेकिन लगातार इस पर उंगली करने से हमें और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह बूगर्स हमें डस्ट माइट्स, वायरस से बचाने में मदद करता है। साथ ही बैक्टीरिया फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाता है।
अल्जाइमर के लक्षण
कार्यों को पूरा करने में कठिनाई
बदलता व्यक्तित्व
लोगों, स्थानों और घटनाओं के बारे में भ्रम 

By Sonya

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