Indian Idol 13 : एनकाउंटर स्पेशलिस्ट शाहिदा प्रवीण ने बयां किया अपना दर्द, कहा- चूड़ियां पहनने जैसे शब्द...

इंडियन आइडल के एपिसोड में हमारे देश के लिए लड़ने वाले शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी गई.इस दौरान कई मशहूर अफसर शो में शामिल हुए थे.
Indian Idol 13 : एनकाउंटर स्पेशलिस्ट शाहिदा प्रवीण ने बयां किया अपना दर्द, कहा- चूड़ियां पहनने जैसे शब्द... शाहिदा प्रवीण गांगुलीImage Credit source: sony tv, pravin talan photography
सोनी टीवी के सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल – सीज़न 13‘ में गणतंत्र दिवस के 4 दिन पहले ही ‘रिपब्लिक डे स्पेशल’ एपिसोड में देशभक्ति का जश्न मनाया गया. इस शो में प्रतिष्ठित सेना और नौसेना बल, सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) और स्पेशल गेस्ट शामिल हुए, जिन्होंने न सिर्फ अपनी ज़िंदगी के प्रेरणादायक अनुभव साझा किया बल्कि एक फरमाइश भी की, उनकी हर फरमाइश को शो के टॉप 8 कंटेस्टेंट्स पूरा किया. इस खूबसूरत एपिसोड के मंच को ‘मौसम म्यूज़िकाना’ बनाते हुए इंडियन आइडल के पूर्व कंटेस्टेंट्स – पवनदीप राजन, अरुणिता कांजीलाल के साथ दर्शकों में देशभक्ति का जज़्बा जगाते नजर आए.
कंटेस्टेंट देबोस्मिता रॉय ‘ऐसा देश है मेरा’ गाने पर शानदार परफॉर्मेंस किया. संगीत के सजी इस शाम में स्पेशल गेस्ट के रूप में सहायक पुलिस आयुक्त, सीआईडी सेल जम्मू-कश्मीर एवं लेडी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट शाहिदा प्रवीण गांगुली भी शामिल हुईं. वे जम्मू-कश्मीर में पहली महिला पुलिस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर पुलिस की सबसे सम्मानित महिला अधिकारियों में से एक हैं. उन्होंने एक महिला के रूप में सेना में स्वीकार किए जाने के लिए अपने संघर्ष के दिनों के बारे में बात की और ये साझा किया कि कैसे वे सफलता की सीढ़ियां चढ़ती गईं. उन्होंने दर्शकों के बीच मौजूद महिला कांस्टेबलों से बात करके उनका हौसला बढ़ाया.
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एक आर्मी वाइफ भी रह चुकी हैं ये एनकाउंटर स्पेशलिस्ट
एक अशांत क्षेत्र में काम करने के डर से जुड़े, होस्ट आदित्य नारायण के सवाल का जवाब देते हुए, शाहिदा प्रवीण गांगुली ने कहा कि,”सच कहूं तो डर जैसी कोई चीज नहीं है, यह सिर्फ आपके आंतरिक विचार हैं.” उन्होंने ये भी बताया कि कैसे एक महिला के रूप में उन्होंने न सिर्फ कंटीले तारों की बाधाओं का सामना किया, बल्कि लैंगिक बाधाओं का भी सामना किया, और इस तरह उन्होंने सभी पैरेंट्स को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया कि वे अपनी बेटियों को कभी भी कमतर महसूस न होने दें.”ये भी पढ़ें

चूड़ियां पहनने के बारें में कही ये बात
एक आर्मी वाइफ होने के अपने अनुभव बताते हुए शाहिदा प्रवीण ने अपने पति के बारे में भी बात की और बताया कैसे वो अपने पति के साथ खड़ी होती है, और जब वो युद्ध के मैदान पर होते हैं तो वे उनका सपोर्ट करती हैं. उन्होंने उन युवा पत्नियों के बारे में भी बताया जो फोर्स में शामिल अपने पतियों को याद करती हैं. उनकी कहानियों से प्रेरित होकर जजों के साथ-साथ होस्ट भी शाहिदा प्रवीण गांगुली के जज़्बे को सलाम किया और इस बारे में बात की कि किस तरह “चूड़ियां पहनने” जैसे शब्द का इस्तेमाल किसी कमजोर के लिए नहीं, बल्कि अपार शक्ति और साहस वाले व्यक्ति के लिए किया जाना चाहिए.

By Nikita

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